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Showing posts from April, 2019
पुकार-एक नन्ही परी की .... चुनाव पास है नेता जी, एक बेटी को किये वायदे भूल तो नहीं जाओगे ना  हैलो , नेता जी , मै एक नन्ही परी बोल रही हूँ , आज मै अपना दर्द आंसुओं से तोल रही हुँ। अगर समझ सको तो समझने की कोशिश करना , आपके सामने आज बेटियों के दर्द की गठरी खोल रही हुँ।।   मै वही बच्ची हुँ जिसे तुम नवरातरों में मॉ कहते हो , आर्शिवाद लेकर पैरों को बड़े अदब से छुते रहते हो। ये सम्मान तब कहाँ था जब वो मुझे नोच रहे थे , उस वक्त तुम कहाँ थे और क्या सोच रहे थे।। खैर ये भी मान लेती हुँ तुम्हे नही पता चला होगा , शायद आपका ध्यान भी इन्सानियत से टला होगा। पर , मीडिया में बाद मे तो शोर मचा था , हर हाथ में मोमबत्ती थी , कोई भी नही बचा था।। तुम्हें तो उसके बाद भी तरस नहीं आया , क्यों मेरी मौत को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया। दर्द और जख्म , तो उन दरिंदों ने बहुत दिए थे , तुमने भी तो नमक ही लगाया कौनसे जख्म सीए थे।...