______________________________________________________ Writing Fever Presents ______________________________________________________ माँ Maa दुनिया का हर इंसान अपनी जननी से बेहद प्यार करता है। हर इंसान के लिए उसकी जननी खुदा समान होती है। एक माँ का शुक्रिया अदा करती बेहतरीन कलमकार Manoj Barsiwal जी की ये रचना आपके समक्ष। अगर आप भी माँ से प्यार करते है तो Mother's Day पर अपनी माँ को ये कविता dedicate करना ना भूलें। एक जुआरी की तरिया वा खुद हारके थारी खुशियां खातर खड़ी हो सै। रै लोगों माँ तो माँ सै अर भगवान तै भी बड़ी हो सै। ________________________________________________________________________ Writer ~ Manoj Barsiwal Voice ~ Ravi Khanagwal Theme ~ Manoj Barsiwal Direction ~ Vijay Insa...
पुकार-एक नन्ही परी की .... चुनाव पास है नेता जी, एक बेटी को किये वायदे भूल तो नहीं जाओगे ना हैलो , नेता जी , मै एक नन्ही परी बोल रही हूँ , आज मै अपना दर्द आंसुओं से तोल रही हुँ। अगर समझ सको तो समझने की कोशिश करना , आपके सामने आज बेटियों के दर्द की गठरी खोल रही हुँ।। मै वही बच्ची हुँ जिसे तुम नवरातरों में मॉ कहते हो , आर्शिवाद लेकर पैरों को बड़े अदब से छुते रहते हो। ये सम्मान तब कहाँ था जब वो मुझे नोच रहे थे , उस वक्त तुम कहाँ थे और क्या सोच रहे थे।। खैर ये भी मान लेती हुँ तुम्हे नही पता चला होगा , शायद आपका ध्यान भी इन्सानियत से टला होगा। पर , मीडिया में बाद मे तो शोर मचा था , हर हाथ में मोमबत्ती थी , कोई भी नही बचा था।। तुम्हें तो उसके बाद भी तरस नहीं आया , क्यों मेरी मौत को भी राजनीतिक मुद्दा बनाया। दर्द और जख्म , तो उन दरिंदों ने बहुत दिए थे , तुमने भी तो नमक ही लगाया कौनसे जख्म सीए थे।...